"रिश्वतखोरी जेबें"


"रिश्वतखोरी जेबें"


***राजीव तनेजा***


"रेल पटरियों सी लम्बी
अजगर मानिंद लपलपाती
रिश्वतखोरी जेबें...
डस डस बस यही कहती हैँ
और देवें...और देवें"

***राजीव तनेजा***

5 comments:

कीर्तिश भट्ट said...

क्या बात है...... ! बढिया है जी.

विनीत कुमार said...

कम शब्दों में उत्तम बात। बाबुओं से मार औऱ गाली खाने के लिए पर्याप्त है।...

शास्त्री जे सी फिलिप् said...

वाह राजीव, वाह. कम से कम शब्दों में एक सशक्त व्यंग!!

अविनाश वाचस्पति said...

बेईमानी की चादर
भरपूर ईमानदारी
से उतार फेंकी
रिश्वत की लंबाई
अजगर की लंबाई
से होड़ लगाने चली

Shaikh Ayazahmed GulamShabbir said...

रीश्वतखोरोँ से सौ सौ अजगर भी डरते होँगे ।

 
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