पहला अन्तराष्ट्रीय हिन्दी ब्लोगर सम्मलेन बांग्लादेश में(1) - राजीव तनेजा

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खुशखबरी…खुशखबरी…खुशखबरी….
हिन्दी के हित में जुड़े हर खास औ आम और सर्व साधारण को सूचित किया जाता है कि आगामी 20 मार्च,2011 को याने के होली के दिन स्वर्गीय शेख मुजीबुर्रहमान की पुण्य स्मृति में पहली बार बांग्लादेश की मच्छी मार्का धरती पर विश्व के प्रथम तीन दिवसीय ‘अन्तराष्ट्रीय हिन्दी ब्लोगर सम्मलेन’ का जोर-शोर से आयोजन किया जा रहा है…
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इच्छुक ब्लोगरों में कुछ विशेष योग्यताओं का होना ज़रुरी है जैसे…
  • पान चबाने और खैनी रगड़ने की कला में विधिवत ढंग से पारंगत होना…
  • लुंगी को ठीक से बाँधने और उसे बार-बार जाँचने की कला में पूर्णतया निपुण होना…
  • नारियल के 100 फीट ऊंचे पेड़ पे तपाक से चढने और पलक झपकते ही नीचे उतरने की कला से अभ्यस्त होना वगैरा…वगैरा….
नोट: जिस किसी भी ब्लोगर के पास ऐसे हुनर ना हों उनके लिए विशेष रूप से कोचिंग एवं ट्रेनिंग का प्रावधान भी किया गया है…
जो ब्लोगर सुरक्षा कारणों के चलते या फिर होली के दिन अपनी साली-भौजाई…प्रेमिका को रंग लगाने के मोह के कारण ना जाना चाहें और यहीं अपने-अपने कंप्यूटर पे बैठ के तमाशा देखना चाहें…उनके लिए भी समय-समय पर रिपोतार्ज का प्रबंध किया गया है…बमबज़र के जरिये लाईव टेलीकास्ट के लिए गिरीश बिल्लोरे जी की सेवाएं लेने का प्रयास किया जा रहा है…
इस कार्यक्रम में भाग लेने की नाममात्र फीस है “हँसते रहो”  की साईट पर नित नियम से विज़िट करना एवं ब्लॉग स्वामी(राजीव तनेजा)  को अपनी लच्छेदार टिप्पणियों से मोहित कर अपार खुशी से सरोबर करना…
पासपोर्ट-वीसा की आप चिंता ना करें….उन्हें बनवाने का जिम्मा हमारा….
gdgdegr
आने-जाने और रहने-खाने में व्यक्त होने वाले व्यय की चिंता आप ना करें...आप सबके लिए वो निशुल्क है… इस सब में होने वाले खर्चे की भरपाई का काम हमारी जबरन वसूली टीम अपने आप कर लेगी ……भाग लेने वाले ब्लोगर को लाने और सही सलामत वापिस पहुंचाने के बदले में उसके फालोअर्स को जबरन “हँसते रहो" का फालोअर बनाया जाएगा…
इच्छुक ब्लोगर कृपया नीचे दिए गए निम्न पते पर अपने बायो-डाटा, ताजातरीन फ्रंट फेस फोटो और ईमेल पते के साथ जल्द से जल्द संपर्क करें…
rajivtaneja2004@gmail.com
नोट:
  • निमंत्रण पहले आओ…पहले पाओ की तर्ज़ पर दिया जाएगा…इसलिए किसी भी प्रकार की देरी या कोताही ना करें… 
  • अपना तेल…कंघी चटाई…बिस्तर वगैरा अपने साथ लाना ना भूलें…
(निर्मल हास्य…कृपया बुरा ना मानें..होली है)

29 comments:

विनोद पाराशर said...

वाह भई वाह!
अभी से शुरु हो गये.बहुत बढिया.हम तो यहीं गुलाल लगाने के लिए साली तलाश रहे हॆं.

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' said...

अरे!
आप तो बंगला देश पर ही अटक गए.

आमंत्रित हैं आप चन्द्र पर, सौर मंडलीय सम्मलेन में.
चिट्ठाकार सभी मिल बैठें, अपनी अपनी रंगरेलिन में..
गटकें गूझा, खाएं पपडिया, भांग भवानी छान रहे हैं.
मंगल जा कब करें अमंगल, गुप्प-चुप्प अनुमान रहे हैं..

PADMSINGH said...

ब्लाग सभा की ओर से आया है आदेस
होली खेलन के लिए आओ चले बिदेस
आओ चले बिदेस मचाएँ हल्लम हल्ला
आज भला क्या लाज नचेंगे खुल्लम खुल्ला
..... बधाइयाँ जी बधाइयाँ
मिस अविनाशी ने पासपोर्ट तैयार करवा लिए हैं... जामे अपना फोटुवा चपकाइए न जल्दी से ... :)

: केवल राम : said...

कमाल है भाई , हममें तो यह योग्यताएं नहीं है ..इसलिए केवल राम के पहुँचने की सम्भावना कम है

GirishMukul said...

जी
हम प्रसारण पिटारा
सहित तैयार हैं

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

चलो शुरु तो हुए। वर्ना हम सोच रहे थे कि इस बार फागुन में दम ही नहीं है।

निर्मला कपिला said...

हम तो पहले ही अनफिट हो गये। बधाइयाँ अब पान चबाना भी सीखते हैं शायद अगली बार चांस लग जाये। लगता है इस से अगला पाकिस्तान मे होगा। शुभकामनायें।

AlbelaKhatri.com said...

mera naam likh kar apne pas rakh lo..

bhool na jaana

mujhe bhi hai holi manana

koi aur dhang ka chehra na mila to rajiv taneja ke saath hi sahi.....hi hi hi hi

Vijay Kumar Sappatti said...

sir , main follower bhi ban gaya , comment bhi de diya . ab mera ticket pakka na ..

apka vijay

honesty project democracy said...

आपका भी जवाब नहीं राजीव जी....बांग्लादेश के नारियल के पेड़ पर ले गए ब्लोगरों को होली के बहाने....चलो ब्लोगर नारियल के पेड़ से ही दिल लगायेंगे और नारियल पानी पियेंगे......शानदार व्यंग और अविनाश जी की फोटो भी....

सतीश सक्सेना said...

मज़ा आ गया राजीव भाई !
छोटी, चटपटी और संक्षिप्त खबर, मगर ढेर सारे मक्खन के साथ ! आज पेट भर भोजन हुआ संजू भाभी को धन्यवाद !

अजय कुमार झा said...

अरे ई एयरहोस्टेस कौन सी रखे हैं जी ...हमको पूरा सक है आपकी दाढी मूंछ वाली एयरहोस्टेस को देख के कि ..आप हवाईजहाज को बाय रोड ले जाएंगे ....

और हां होस्टेस का खाली बुशर्ट ही देखा रहे हैं फ़ोटो में ....लुंगी का तो हईये नहीं है ,,। ऐसा लग रहा है दस के चार ..के भाव से दे रहे हैं पासपोट

अब समझे कि आप हमारे सुंदर मुखडे को प्र्योग के तौर पर मंगाना चाह रहे थे ..राम राम ..। आप तो खतरनाक हैं जी ..हम तो भाभी जी पालटी में हो जाते हैं ....अब बनाईये जरा हमारी फ़ोटो । घर पे ही सत्कार न करवाया आपका तो कहिएगा ..

वन्दना said...

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (2-3-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

Kajal Kumar said...

...तो ठीक है पहले कोचिंग एवं ट्रेनिंग ही दे दो जी.

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर हम भी आयेगे, लेकिन यह तेल किस लिये? ओर कोन सा तेल ले कर आना हे यह भी लिखे?

राज भाटिय़ा said...

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें.

ललित शर्मा said...

चलिए हमारी मेहनत काम आई, राजीव बंग्लादेश में ही सही सम्मेलन कराने तैयार तो हुए। नहीं तो होली सूखी ही जा रही थी।

सिर्फ़ नारियल के पेड़ पर चढना छोड़ कर बाकी अहर्ताएं तो पुरी करते हैं और पासपोर्ट बनाने का काम तो आपने काबिल बंदे को दे दिया है। फ़िर तो बंग्लादेश का सम्मेलन पक्का समझो।

हां भाटिया जी कौन से तेल की बात कर रहे हैं जरा स्पष्ट कीजिए।

डॉ टी एस दराल said...

कोचिंग सेंटर का पता दे दिया होता तो आज ही ज्वाइन कर लेते ।
फ़िलहाल घर पर ही ट्रेनिंग शुरू कर देते हैं लुंगी बांधने की ।

अमिताभ श्रीवास्तव said...

राजीवजी, बांग्लादेश की धरती से ही आपका चिट्ठा पढ रहा हूं। बोलो तो इधर की तैयारी संभाल लेता हूं। वैसे 50-60 टन भांग की व्यवस्था करा चुका हूं, आप लोग ज्यादा खाते हैं इसलिये कुछ और बुलवा रहा हूं। ज्यादा खाते हैं यह मैं इस बात से समझ गया कि आपने अपनी पोस्ट होली से बहुत जल्दी डाली है। जरूरी भी थी क्योंकि सबको अपनी तैयारियां करने में वक्त भी लगेगा। वैसे आप चिंता न करें, जो लोग पात्र न हो और आना चाहते हैं, उन्हें साथ ले लें, यहां उनकी पात्रता को मान्य करने की काफी व्यवस्था है। अभी हाल ही में मैं ढाका के मच्छी मार्केट क्षेत्र से होकर आया हूं, जहां की एक धरमशाला में अपात्रों के पात्र बनाये जाने की व्यवस्था है। उन्हें बस कच्ची मच्छी काट-काट कर खानी होगी। खैर...। बाबू मोशाय ओम इंतजार कोर रहा है।

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति|

महाशिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Udan Tashtari said...

भिजवा रहा हूँ तुरंत...

girish pankaj said...

hambhi chalenge...

Shah Nawaz said...

हा हा हा... ज़बरदस्त... हम तो हर जगह पहुँच ही जाते हैं.. परन्तु पता नहीं क्यों... यहाँ पहुँचने में डरिया रहे हैं... कौनो चिंता की बात तो नहीं न होगी ना?

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत बढ़िया!
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

अरूण साथी said...

अजी जनाब, मैं पहली दो आहर्ताएंे ंतो पूरा कर लंूगा किसी तरह पर तीसरी की कोचिंग करनी पड़ेगी। मेरा नामांकन स्वीकार लंे। रही बात जबरन बसुली का तो उसमें में तो हम बिहारी माहीर है.... बसूल कर दिखाइगा।... इतनी अच्छी हंसी के लिए आपके साथ साथ .चर्चा मंच को भी बधाई।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...


क्‍या बात है।

............
ब्‍लॉगवाणी: ब्‍लॉग समीक्षा का विनम्र प्रयास।

-सर्जना शर्मा- said...

राजीव जी ढ़ाका बाद में इससे पहले तो टिंबकटू में
सम्मेलन होगा अध्यक्षता आप ही को करनी है

GirishMukul said...

मच्छीमार ब्लागर
के अलावा मक्खीमार भी
तैयार रहें

बी एस पाबला said...

अपना पता तो पहले ही काट दिया गया :-(

 
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