हत्या

murder 

"हत्या"

पढना चाहता हूँ मैं...

बड़े प्रेम और लगन से...

मंत्रमुग्ध हो..

पन्ना दर पन्ना...

तुम्हारे उजले...निष्कलंक..अतीत और...

स्वाभीमानी वर्तमान का

ताकि भविष्य में तुम्हारे...

कभी मैं कर सकूँ...

आसानी से...निसंकोच

तुम्हारे ही...उजले चरित्र की...

'हत्या'

6 comments:

yashoda agrawal said...

आपकी लिखी रचना बुधवार 30 जुलाई 2014 को लिंक की जाएगी...............
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

Smita Singh said...

बहुत ही बढ़िया।

Anusha Mishra said...

निःशब्द करती रचना

Pratibha Verma said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

कविता रावत said...

उजले चरित के पीछे जाने कितना अँधेरे घिरा रहता है ......
बहुत सुन्दर

BLOGPRAHARI said...

आपका ब्लॉग देखकर अच्छा लगा. अंतरजाल पर हिंदी समृधि के लिए किया जा रहा आपका प्रयास सराहनीय है. कृपया अपने ब्लॉग को “ब्लॉगप्रहरी:एग्रीगेटर व हिंदी सोशल नेटवर्क” से जोड़ कर अधिक से अधिक पाठकों तक पहुचाएं. ब्लॉगप्रहरी भारत का सबसे आधुनिक और सम्पूर्ण ब्लॉग मंच है. ब्लॉगप्रहरी ब्लॉग डायरेक्टरी, माइक्रो ब्लॉग, सोशल नेटवर्क, ब्लॉग रैंकिंग, एग्रीगेटर और ब्लॉग से आमदनी की सुविधाओं के साथ एक सम्पूर्ण मंच प्रदान करता है.
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